आज 27 फरवरी 2026 को भारत में सोना और चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव देखा गया है। सराफा बाजार और MCX (Multi Commodity Exchange) के लेटेस्ट रेट्स के अनुसार, सोना लगभग ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी लगभग ₹2.84-2.85 लाख प्रति किलोग्राम पर घूम रही है।
आज का सोना भाव (Gold Price Today भारत)
भारत में सोने (gold) की कीमतें आज भी स्थिर से मध्यम उतार-चढ़ाव के साथ जारी हैं। विभिन्न कैरेट के हिसाब से ताजा रेट इस प्रकार हैं:
24 कैरेट सोना (99.9% शुद्ध)
दिल्ली: ₹1,62,050 प्रति 10 ग्राम
मुंबई: ₹1,61,900 प्रति 10 ग्राम
अहमदाबाद: ₹1,61,950 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना (शुद्धता ~ 91.6%)
दिल्ली: ₹1,48,560 प्रति 10 ग्राम
मुंबई: ₹1,48,410 प्रति 10 ग्राम
अहमदाबाद: ₹1,48,460 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना
दिल्ली: ₹1,15,780 प्रति 10 ग्राम
मुंबई: ₹1,15,670 प्रति 10 ग्राम
अहमदाबाद: ₹1,15,710 प्रति 10 ग्राम
इसका मतलब है कि आज सोना कीमतों में हल्की स्थिरता या थोड़ी बढ़त बनी हुई है, जो सराफा बाजार के ट्रेडिंग ट्रेंड को दर्शाती है।
आज का चांदी भाव (Silver Price Today – भारत)
चांदी (silver) की कीमतों में आज थोड़ी उतार-चढ़ाव वाली चाल देखने को मिली है। वर्तमान में चांदी लगभग ₹2,84,900-₹2,85,000 प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है।
उदाहरण के अनुसार:
आज सुबह चांदी ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम के आसपास थी।
MCX पर अलग-अलग डिलीवरी के तहत चांदी के भाव में मामूली गिरावट भी देखने को मिली।
चांदी की कीमतें आज के ट्रेंड के हिसाब से थोड़ी फिसलने और चढ़ने दोनों का मिश्रित संकेत दे रही हैं जिसका कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और निवेश गतिविधियों में तेजी-मंदी दोनों हैं।
वैश्विक मार्केट और ट्रेडिंग संकेत (International Cues)
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के रेट वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर की वैल्यू, और भू-राजनीतिक दबावों से प्रभावित होते हैं।
हाल के दिनों में डॉलर की सॉफ़्टनेस और वैश्विक ट्रेड टैरिफ नीतियों की वजह से सोने और चांदी दोनों की कीमतों में अस्थिरता देखी गई है, जिससे निवेशक सुरक्षित संपत्ति (safe-haven) की तरफ़ रुख़ कर रहे हैं।
सोना-चांदी के भाव क्यों बदलते हैं? (Price Movement Factors)
सोने और चांदी के भाव नियमित रूप से बदलते रहते हैं इसके प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
सोना व चांदी का मूल भाव अमेरिका और यूरोप के बाजारों में तय होता है। जब डॉलर कमजोर होता है तो सोने की कीमतें ऊपर आती हैं।
अगर डॉलर सॉफ्ट रहता है और बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो सोने-चांदी में निवेश आकर्षक माना जाता है।
जैसे मध्य-पूर्व तनाव, युद्ध की खबरें आदि — ऐसे समय में सोना और चांदी दोनों सुरक्षित निवेश के रूप में देखे जाते हैं।
भारत में शादी-ब्याह की सीजन डिमांड, त्योहार और सराफा बाजार की मांग मांग के अनुसार भाव बदलते हैं।
निवेशकों के लिए क्या जरूरी है? (Investor Insights)
सोना-चांदी दोनों को निवेश के तौर पर लिया जा सकता है लेकिन सही रणनीति जरूरी है सोना ज्यादातर लंबे समय के निवेश (long-term) के लिए बेहतर माना जाता है। चांदी छोटे-मध्यम समय (short-medium) ट्रेडिंग के लिए अधिक वोलैटाइल होती है। त्योहार/शादी के सीजन में खरीदारी से पहले भाव जरूर चेक करें।
सरकारी व अन्य बाजार रिपोर्ट्स (Additional Notes)
कुछ फाइनेंशियल रिपोर्ट्स और डेटा से पता चलता है कि पिछले कुछ समय में चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जबकि सोना भी ट्रेडिंग रेंज में बना हुआ है खासकर MCX और COMEX मार्केट के रुझानों के कारण।