साल 2026 में पेंशनर्स के बीच जिस मुद्दे ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है ₹7,500 न्यूनतम मासिक पेंशन की मांग। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) से जुड़े लाखों पेंशनभोगी लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि मौजूदा पेंशन राशि महंगाई के मुकाबले बेहद कम है और इसमें बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित बदलावों के तहत Employees’ Pension Scheme (EPS-1995) के लाभार्थियों को न्यूनतम ₹7,500 पेंशन देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इसके साथ कुछ नई शर्तें और पात्रता नियम भी लागू हो सकते हैं।
इस लेख में हम आपको EPFO Pension Rule 2026 से जुड़ी हर जरूरी जानकारी देंगे — पात्रता, नई शर्तें, संभावित लाभ, आवेदन प्रक्रिया और ताजा अपडेट।
क्या है Employees’ Pension Scheme (EPS-1995)?
Employees’ Pension Scheme (EPS-1995) एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे 1995 में शुरू किया गया था। यह योजना EPFO के तहत काम करती है और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन सुविधा प्रदान करती है।
EPS के मुख्य बिंदु:
कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान
कम से कम 10 वर्ष की सेवा अनिवार्य
58 वर्ष की आयु पर नियमित पेंशन
परिवार पेंशन और विधवा पेंशन का प्रावधान
वर्तमान में कई पेंशनर्स को मात्र ₹1,000 से ₹3,000 तक की पेंशन मिल रही है, जो बढ़ती महंगाई में पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
EPFO Pension Rule 2026: क्या है ₹7,500 पेंशन का प्रस्ताव?
मीडिया रिपोर्ट्स और कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार, 2026 में EPS पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम ₹7,500 प्रति माह करने का प्रस्ताव चर्चा में है। इसके साथ DA (Dearness Allowance) जोड़ने की भी मांग की जा रही है।
प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु:
न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह
महंगाई भत्ता (DA) लागू करने की संभावना
लंबी सेवा अवधि वालों को अतिरिक्त लाभ
डिजिटल वेरिफिकेशन और KYC अनिवार्य
हालांकि अभी तक सरकार या EPFO की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन 2026 बजट के दौरान इस पर फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नई शर्तें क्या हो सकती हैं?
अगर ₹7,500 न्यूनतम पेंशन लागू होती है, तो कुछ नई शर्तें भी जोड़ी जा सकती हैं:
कम से कम 10 या 15 वर्ष की नियमित सेवा जरूरी हो सकती है।
सभी पेंशनर्स को आधार लिंक और KYC अपडेट करना अनिवार्य हो सकता है।
हर साल जीवन प्रमाण (Digital Life Certificate) जमा करना जरूरी रहेगा।
जिन कर्मचारियों ने उच्च वेतन पर EPS योगदान किया है, उन्हें अलग गणना के अनुसार अधिक पेंशन मिल सकती है।
किसे मिलेगा फायदा?
अगर यह नियम लागू होता है, तो लाभार्थियों में शामिल होंगे:
निजी क्षेत्र के रिटायर्ड कर्मचारी
विधवा और परिवार पेंशन प्राप्त करने वाले
दिव्यांग पेंशनर्स
लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारी
यह कदम लगभग 60 लाख से अधिक EPS पेंशनर्स को राहत दे सकता है।
EPFO Pension Calculation कैसे होती है?
EPS के तहत पेंशन की गणना इस फॉर्मूले से होती है:
Pension = (Pensionable Salary × Pensionable Service) ÷ 70
अगर न्यूनतम ₹7,500 लागू होता है, तो यह राशि इस फॉर्मूले से कम होने पर भी न्यूनतम स्तर तक बढ़ाई जा सकती है।
EPFO Pension Increase 2026: क्या कह रहे हैं कर्मचारी संगठन?
कई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 1995 से अब तक महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन न्यूनतम पेंशन ₹1,000 ही बनी हुई है। ऐसे में ₹7,500 पेंशन और DA जोड़ना समय की मांग है।
संसद में भी इस मुद्दे को कई बार उठाया जा चुका है। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के स्तर पर लिया जाएगा।
पेंशनर्स को क्या करना चाहिए?
अगर आप EPS पेंशनर हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें: UAN और आधार लिंक अपडेट रखें
बैंक खाता KYC पूरा करें
जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा करें
EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखें
क्या 2026 में मिलेगा बड़ा तोहफा?
EPFO Pension Rule 2026 को लेकर अभी अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से ₹7,500 न्यूनतम पेंशन की मांग जोर पकड़ रही है, उससे उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस पर सकारात्मक फैसला ले सकती है।
अगर यह नियम लागू होता है, तो लाखों पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
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